उद्योग हित के साथ-साथ पर्यावरण हित के लिए भी काम करता है भारतीय मजदूर संघ -राजेश कुमार श्रीवास्तव

 


२८ अगस्त को पुरे भारतवर्ष में भारतीय मजदूर संघ ने बृक्षारोपण कर पर्यावरण दिवस मनाया और पेड़ बचाने के लिए बलिदान हुई अम्रता देवी विश्नोई को याद किया | भारतीय मजदूर संघ से सम्बन्ध पश्चिम बंगाल विद्युत् उन्नयन निगम कर्मचारी संघ के नेता श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव ने २८ अगस्त को पर्यावरण दिवस मनाने के पीछे का इतिहास को बतलाया | उन्होंने कहा कि सन 1730 में आज ही के दिन जोधपुर महाराजा के नॉकर महल के लिए खेजड़ली गांव से खेजड़ी के पेड़ काट रहे थे, जिनका अमृतादेवी विश्नोई ने बेटियों के साथ विरोध कर पेड़ो से चिपक गई। जिस पर सैनिको ने उनकी गर्दन काट दी, अमृतादेवी ने बेटियों के साथ बलिदान दे दिया परन्तु पेड़ नही काटने दिया। जिससे गुस्साए ग्रामीण भी पेड़ो से चिपक गए सैनिको ने सभी के सिर काट दिए, पेड़ बचाने 363 ग्रामीणों के अपना बलिदान दे दिया। इस ह्रदयविदारक घटना की जानकारी राजा को लगते ही पूरी रियासत से माफी मांगी गई और हरे पेड़ नही काटने के आदेश जारी किए गए, जो आज भी लागू है। अमृतादेवी उनकी बेटियों व ग्रामीणों का बलिदान पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया। जोधपुर खेजड़ली में बलिदानियों का स्मारक बना है जहां वृक्ष शाहिद मेला लगता है। वर्ष 1997 से वृहद वृक्षारोपण करने वालो को अमृतादेवी पुरुस्कार भी दिया दिया जाने लगा है। प्रकृतिप्रेमी भारतीय मजदूर संघ के सदस्य इस दिन को देशभर में पौधारोपण कर पर्यावरण दिवस के रूप में मनाते आ रहे है। इस दिन श्री श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुरुलिआ के बिभिन्न क्षेत्रों में बृक्षारोपण किया गया | 
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